Registration Number

अजाक्स (AJJAKS) संगठन विवाद का सुखद अंत: माननीय चौधरी मुकेश मौर्य जी बने प्रांताध्यक्ष, माननीय विशेष गढ़पाले सर को कार्यवाहक का प्रभार | ajjaks president choudhary mukesh maurya

मध्यप्रदेश अजाक्स (AJJAKS) संगठन में लंबे समय से चल रहा प्रांताध्यक्ष पद का विवाद अब समाप्त हो गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने माननीय चौधरी मुकेश मौर्य जी को प्रांताध्यक्ष और माननीय आईएएस विशेष गढ़पाले जी को कार्यवाहक प्रांताध्यक्ष के रूप में मान्यता दी है। पूरी विस्तृत खबर यहाँ पढ़ें।

माननीय चौधरी मुकेश मौर्य जी - प्रांताध्यक्ष म.प्र. अजाक्स
माननीय चौधरी मुकेश मौर्य जी प्रांताध्यक्ष, म.प्र. अजाक्स
माननीय आईएएस विशेष गढ़पाले  जी - कार्यवाहक प्रांताध्यक्ष म.प्र. अजाक्स
माननीय आईएएस विशेष गढ़पाले जी कार्यवाहक प्रांताध्यक्ष, म.प्र. अजाक्स
विवरण (Details) महत्वपूर्ण जानकारी (Information)
संगठन का पूरा नाम म.प्र. अनुसूचित जाति जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी (अजाक्स) संघ
संगठन का पंजीयन (Registration) क्रमांक 25828/93
वैधानिक प्रांताध्यक्ष (President) माननीय चौधरी मुकेश मौर्य जी
कार्यवाहक प्रांताध्यक्ष (Acting President) माननीय आईएएस विशेष गढ़पाले जी
संगठन का मुख्य मुख्यालय अजाक्स भवन, भोपाल

मध्यप्रदेश के अनुसूचित जाति और जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ (अजाक्स) से जुड़े लाखों अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक बेहद उत्साहजनक और राहत भरी खबर सामने आई है। संगठन के शीर्ष नेतृत्व यानी ‘प्रांताध्यक्ष’ पद को लेकर जो असमंजस और विवाद की स्थिति पिछले कुछ समय से बनी हुई थी, उसका अब पूरी तरह से पटाक्षेप हो गया है。

राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग (कर्मचारी कल्याण) ने तमाम भ्रांतियों को दूर करते हुए आधिकारिक तौर पर स्थिति स्पष्ट कर दी है। इस ऐतिहासिक और स्पष्ट निर्णय के बाद, अब संगठन की कमान दो बेहद अनुभवी और समर्पित नेतृत्वकर्ताओं के हाथों में आ गई है।

म.प्र. अजाक्स संगठन की महत्वपूर्ण अपडेट और बैठक

नए नेतृत्व को मिली आधिकारिक मान्यता

सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार:

  • माननीय चौधरी मुकेश मौर्य जी को संगठन का वैधानिक और अधिकृत प्रांताध्यक्ष घोषित किया गया है।
  • वहीं, वरिष्ठ और तेजतर्रार प्रशासनिक अधिकारी माननीय आईएएस विशेष गढ़पाले सर को कार्यवाहक प्रांताध्यक्ष की अति-महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।

कैसे सुलझा यह पूरा विवाद? (विधानसभा में स्पष्ट हुई स्थिति)

इस पूरे विवाद का समाधान पूरी तरह से वैधानिक और पारदर्शी तरीके से हुआ है। अजाक्स के प्रांतीय सचिव डॉ. अनिल अर्गल ने घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि कुछ असामाजिक तत्व संगठन के नाम का गलत उपयोग करके कर्मचारियों के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे थे。

इस भ्रम को दूर करने के लिए ‘रजिस्ट्रार फर्म्स एवं सोसायटी, मध्यप्रदेश’ द्वारा विधानसभा पटल पर मान्यता प्राप्त कर्मचारी संघों और उनके प्रांताध्यक्षों की एक अद्यतन (अपडेटेड) सूची रखी गई थी। विधानसभा तारांकित प्रश्न क्रमांक 862 के उत्तर में अजाक्स (पंजीयन क्रमांक 25828/93) के प्रांताध्यक्ष के रूप में माननीय चौधरी मुकेश मौर्य जी के नाम की आधिकारिक पुष्टि की गई।

इसी प्रामाणिक और सरकारी सूची के आधार पर सामान्य प्रशासन विभाग को वास्तविकता से अवगत कराया गया। जिसके बाद विभाग ने बिना किसी देरी के सभी शासकीय विभागों को पत्र जारी कर सख्त निर्देश दिए हैं कि भविष्य में अजाक्स संगठन से जुड़े किसी भी प्रकार के पत्राचार या संवाद के लिए केवल माननीय चौधरी मुकेश मौर्य जी और माननीय विशेष गढ़पाले सर को ही अधिकृत माना जाए।

अजाक्स संगठन की आगामी रूपरेखा और आधिकारिक पत्राचार

संगठन का नया विजन: “सबका साथ और समाज का विकास”

नेतृत्व पर मुहर लगने के बाद, माननीय चौधरी मुकेश मौर्य जी और माननीय विशेष गढ़पाले सर ने स्पष्ट किया है कि अब उनका पूरा ध्यान सिर्फ और सिर्फ समाज के उत्थान पर होगा। उन्होंने एक सुर में कहा है कि अजाक्स अब गुटबाजी से दूर रहकर, सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को एक साथ लेकर चलेगा।

नए नेतृत्व ने आगामी कार्यों की एक विस्तृत रूपरेखा (Roadmap) तैयार की है:

  • अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं की पहुँच: केंद्र और राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित न रहें। संगठन यह सुनिश्चित करेगा कि इन योजनाओं का सीधा लाभ अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के अंतिम और सबसे जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुँचे।
  • छात्रावासों की सघन निगरानी: प्रदेश भर में चल रहे SC-ST छात्रावासों (Hostels) पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। वहां रहने वाले विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं, भोजन व्यवस्था और उनके समग्र विकास की लगातार निगरानी की जाएगी ताकि छात्रों का भविष्य सुरक्षित हो सके।
  • कर्मचारियों के हकों की रक्षा: अधिकारियों और कर्मचारियों के लंबित मामलों, पदोन्नति और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए शासन स्तर पर मजबूती से पक्ष रखा जाएगा।

भोपाल के अजाक्स भवन में जल्द होगी महाबैठक

संगठन की नई रणनीतियों को जमीनी स्तर पर लागू करने और सभी को एक मंच पर लाने के लिए बहुत जल्द राजधानी भोपाल स्थित ‘अजाक्स भवन’ में एक वृहद (बड़ी) बैठक का आयोजन किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश भर के प्रांतीय और जिला स्तर के सभी पदाधिकारी शामिल होंगे। यह बैठक संगठन के भविष्य की दिशा तय करने में मील का पत्थर साबित होगी।

Q1. अजाक्स (AJJAKS) संगठन के नए अधिकृत प्रांताध्यक्ष कौन हैं?

प्रांताध्यक्ष, म.प्र. अजाक्स

उत्तर: सामान्य प्रशासन विभाग (कर्मचारी कल्याण) और रजिस्ट्रार फर्म्स एवं सोसायटी की अद्यतन सूची के अनुसार, माननीय चौधरी मुकेश मौर्य जी ( ajjaks president choudhary mukesh maurya )को अजाक्स संगठन का वैधानिक और आधिकारिक प्रांताध्यक्ष स्वीकार किया गया है।

Q2. अजाक्स संगठन में कार्यवाहक प्रांताध्यक्ष की जिम्मेदारी किसे सौंपी गई है?

उत्तर: संगठन को और अधिक सशक्त बनाने तथा प्रशासनिक कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए वरिष्ठ अधिकारी माननीय आईएएस विशेष गढ़पाले सर को कार्यवाहक प्रांताध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

Q3. अजाक्स संगठन में प्रांताध्यक्ष पद को लेकर चल रहा विवाद कैसे समाप्त हुआ?

उत्तर: यह विवाद तब पूरी तरह सुलझ गया जब रजिस्ट्रार फर्म्स एवं सोसायटी, मध्यप्रदेश द्वारा विधानसभा पटल पर मान्यता प्राप्त कर्मचारी संघों की एक अद्यतन सूची रखी गई। विधानसभा तारांकित प्रश्न क्रमांक 862 के उत्तर में स्थिति स्पष्ट होने के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने आधिकारिक तौर पर माननीय मौर्य जी के नेतृत्व को हरी झंडी दे दी।

Q4. सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी शासकीय विभागों को पत्राचार के संबंध में क्या निर्देश जारी किए हैं?

उत्तर: सामान्य प्रशासन विभाग ने एक आधिकारिक पत्र जारी कर प्रदेश के सभी शासकीय विभागों को सख्त निर्देश दिए हैं कि भविष्य में अजाक्स संगठन से जुड़े किसी भी प्रकार के संवाद, शिकायत या पत्राचार के लिए केवल प्रांताध्यक्ष माननीय चौधरी मुकेश मौर्य जी और कार्यवाहक प्रांताध्यक्ष माननीय विशेष गढ़पाले सर को ही अधिकृत माना जाए और उन्हीं से पत्राचार किया जाए।

Q5. मध्य प्रदेश अजाक्स (AJJAKS) संघ का आधिकारिक पंजीयन क्रमांक क्या है?

उत्तर: कार्यालय रजिस्ट्रार, फर्म्स एवं संस्थाएँ, मध्यप्रदेश के शासकीय रिकॉर्ड के अनुसार, म.प्र. अनुसूचित जाति जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी (अजाक्स) संघ का आधिकारिक पंजीयन क्रमांक 25828/93 (पंजीयन दिनांक 05/06/1993) है।

Q6. विवाद समाप्त होने के बाद माननीय चौधरी मुकेश मौर्य जी और माननीय विशेष गढ़पाले सर की मुख्य प्राथमिकताएं क्या हैं?

उत्तर: नए नेतृत्व की मुख्य प्राथमिकताओं में अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के अधिकारियों-कर्मचारियों के हितों की रक्षा करना, गुटबाजी को समाप्त कर सबको साथ लाना, केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना और प्रदेश के SC-ST छात्रावासों में सुविधाओं की कड़ी निगरानी करना शामिल है।

Q7. नए दिशा-निर्देशों के तहत अजाक्स संगठन की आगामी महाबैठक कहाँ और क्यों आयोजित की जा रही है?

उत्तर: संगठन के भावी रोडमैप को तैयार करने और प्रांतीय व जिला स्तर के पदाधिकारियों में नई ऊर्जा का संचार करने के लिए बहुत जल्द राजधानी भोपाल स्थित ‘अजाक्स भवन’ में एक उच्च स्तरीय महाबैठक आयोजित की जा रही है।

निष्कर्ष:

विवादों के बादल छंटने के बाद अजाक्स संगठन एक नए युग में प्रवेश कर चुका है। माननीय चौधरी मुकेश मौर्य जी ( ajjaks president choudhary mukesh maurya ) के जमीनी अनुभव और माननीय विशेष गढ़पाले सर की प्रशासनिक दक्षता के साथ, यह पूरी उम्मीद है कि अजाक्स अपने मूल उद्देश्यों को प्राप्त करते हुए समाज और कर्मचारियों के हित में नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।

Leave a Comment