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वेंचर कैपिटल फंड फॉर SC (VCF-SC)

वेंचर कैपिटल फंड फॉर SC (VCF-SC): अनुसूचित जाति के उद्यमियों के लिए एक बेहतरीन सरकारी पहल

भारत सरकार का सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय (Ministry of Social Justice and Empowerment) देश में उद्यमिता और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है।इसी दिशा में, अनुसूचित जाति (SC) समुदाय के युवाओं को व्यापारिक क्षेत्र में सशक्त बनाने और उन्हें आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए वेंचर कैपिटल फंड फॉर शेड्यूल्ड कास्ट (VCF-SC) योजना चलाई जा रही है।

VCF-SC योजना

विवरणमहत्वपूर्ण जानकारी
योजना का नामवेंचर कैपिटल फंड फॉर SC (VCF-SC)
संबंधित मंत्रालयसामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार
वित्तीय सहायता (फंडिंग)₹10 लाख से लेकर अधिकतम ₹15 करोड़ तक
ब्याज दर (Interest Rate)4% प्रति वर्ष (SC महिलाओं और दिव्यांग उद्यमियों के लिए 3.75%)
फंड मैनेजरIFCI वेंचर कैपिटल लिमिटेड
अधिकतम फंडिंग अवधि10 वर्ष तक

VCF-SC योजना क्या है?

वेंचर कैपिटल फंड एक राष्ट्रीय स्तर की पहल है जिसे जनवरी 2015 में शुरू किया गया था।इसका मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति के उद्यमियों को वित्तीय सहायता प्रदान करके उनमें उद्यमिता की भावना को प्रोत्साहित करना है।यह फंड उन उद्यमियों का समर्थन करता है जो नवाचार (Innovation), नई तकनीकों और विकास-उन्मुख व्यवसायों का प्रबंधन करते हैं, जिससे समाज में धन और रोजगार दोनों का सृजन हो सके।

योजना के प्रमुख लाभ (Benefits)

सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, VCF-SC के तहत उद्यमियों को निम्नलिखित वित्तीय और तकनीकी लाभ मिलते हैं:

  • रियायती फंडिंग (Concessional Finance):इस योजना में कंपनी के नेटवर्थ के दोगुने तक वित्तीय सहायता मिल सकती है।फंड का आकार न्यूनतम ₹10 लाख से लेकर अधिकतम ₹15 करोड़ तक हो सकता है।
  • कम ब्याज दर:ऋण (Debt) या परिवर्तनीय उपकरणों (Convertible instruments) के लिए ब्याज दर केवल 4% प्रति वर्ष है।
  • विशेष छूट:अनुसूचित जाति की महिला उद्यमियों और दिव्यांग (Disabled) उद्यमियों को प्राथमिकता देते हुए उनके लिए ब्याज दर 3.75% प्रति वर्ष निर्धारित की गई है।
  • लंबी अवधि:वित्तीय सहायता चुकाने के लिए अधिकतम 10 साल तक का समय (मोरेटोरियम पीरियड सहित) दिया जाता है।
  • प्रोजेक्ट कॉस्ट फंडिंग:₹5 करोड़ तक की सहायता के लिए, प्रोजेक्ट कॉस्ट का अधिकतम 75% तक निवेश फंड से किया जा सकता है।₹5 करोड़ से ऊपर के लिए यह सीमा प्रोजेक्ट कॉस्ट का 50% है।

पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria)

इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक और कंपनी को निम्नलिखित शर्तें पूरी करनी होंगी:

  • समुदाय: आवेदक का अनुसूचित जाति (SC) से होना अनिवार्य है।
  • शेयरधारिता (Shareholding):कंपनी (प्राइवेट / लिमिटेड) में कम से कम 51% शेयरहोल्डिंग अनुसूचित जाति के उद्यमियों के पास होनी चाहिए और कंपनी का मैनेजमेंट कंट्रोल भी उन्हीं के हाथों में होना चाहिए।
  • अनुभव/कार्यकाल:यह 51% शेयरधारिता आवेदन से कम से कम पिछले 6 महीनों से बनी रहनी चाहिए।
  • नई कंपनियों के लिए:यदि कंपनी नई है, तो वह किसी प्रोपराइटरशिप फर्म, पार्टनरशिप, या LLP की उत्तराधिकारी इकाई (Successor entity) होनी चाहिए, जिसका एक मजबूत बिजनेस मॉडल हो और जो कम से कम 6 महीने से काम कर रही हो।

ASIIM: VCF-SC के तहत एक विशेष पहल

युवा छात्रों और स्टार्टअप्स को और अधिक बढ़ावा देने के लिए सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने 30 सितंबर 2020 को VCF-SC के तहत अंबेडकर सोशल इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन मिशन (ASIIM) लॉन्च किया।

  • उद्देश्य: उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले SC छात्रों के इनोवेटिव स्टार्टअप आइडिया को कमर्शियल प्रोजेक्ट में बदलना।
  • इक्विटी सपोर्ट:टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर्स (TBIs) द्वारा चुने गए इनोवेटिव आइडियाज को 3 साल की अवधि में ₹30 लाख तक की इक्विटी सहायता (प्रति वर्ष ₹10 लाख) दी जाती है।
  • सुविधाएं:यह फंड इनक्यूबेटर अकोमोडेशन, हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर, फेलोशिप, मार्केटिंग, और IP फाइलिंग जैसे खर्चों को कवर करता है।सफल होने पर ये स्टार्टअप VCF-SC से ₹15 करोड़ तक की वेंचर फंडिंग के लिए योग्य हो जाते हैं।

आवेदन कैसे करें? (Application Process)

इस योजना का पूरा प्रोसेस पारदर्शी और ऑनलाइन है।VCF-SC या ASIIM का लाभ उठाने के लिए आप नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो कर सकते हैं:

  1. ऑनलाइन पोर्टल:योजना के लिए आवेदन IFCI वेंचर कैपिटल पोर्टल (vcfsc.in) या MyScheme पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन स्वीकार किए जाते हैं।
  2. दस्तावेज़ जमा करना:अपना विस्तृत बिजनेस प्लान (DPR), SC प्रमाणपत्र, कंपनी रजिस्ट्रेशन डॉक्युमेंट्स और अन्य आवश्यक कागजात पोर्टल पर सबमिट करें।
  3. मूल्यांकन प्रक्रिया (Evaluation):
    • सबसे पहले स्क्रीनिंग कमिटी प्रिलिमिनरी रिव्यू करती है।
    • इसके बाद विस्तृत मूल्यांकन (Due Diligence) होता है।
    • अंत में इन्वेस्टमेंट कमिटी फाइनल रिव्यू करती है।
  4. लेटर ऑफ इंटेंट (LOI):प्रपोजल अप्रूव होने के बाद लेटर ऑफ इंटेंट जारी किया जाता है और कानूनी दस्तावेजीकरण (Legal Documentation) पूरा किया जाता है।
  5. फंड का आवंटन: सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद फंड को व्यवसाय की आवश्यकता के अनुसार चरणों (Phase-wise) में रिलीज कर दिया जाता है।
वेंचर कैपिटल फंड फॉर SC (VCF-SC)

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